आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

रविवार, जनवरी 25, 2015

सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा : गणतंत्र दिवस पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ


सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा  
गणतंत्र दिवस पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ !!


शुक्रवार, जनवरी 02, 2015

नए साल के साथ नई दोस्ती का एहसास


एक और साल बीत गया। 
 बीते साल के जाने का दुःख है तो नए साल के साथ नई दोस्ती का एहसास भी। 
नए साल के लिए हमने तो ढेर सारे प्लान बनाये हैं। 










नव वर्ष -2015 पर आप सभी को ढेरों बधाई।  
नव वर्ष आप सभी के जीवन में ढेरों खुशियाँ, उल्लास और नई उपलब्धियाँ लेकर आए !! 





For Last year....
Thanks to those who hated me, 
they made me a stronger person.

Thanks to those who loved me, 
they made my heart bigger.

Thanks to those who were worried about me, 
they let me know that they actually cared.

Thanks to those who left me, 
they made me realize that nothing lasts forever.

Thanks to those who entered my life, 
they made me who i'm today.

Just want to Thank you all for being there in my life!!
Happy New Year 2015 !!






गुरुवार, दिसंबर 25, 2014

मैरी क्रिसमस



जिंगल बेल, जिंगल बेल, जिंगल आल डी वे

!! Merry Christmas !!

शुक्रवार, नवंबर 28, 2014

वाह ! मम्मी-पापा की शादी की दसवीं सालगिरह


Wishing very-very Happy Anniversary to Mummy-Papa. Great...Its 10th anniversary of Mummy-Papa and we are so happy to celebrate this. Love you too much. 
My Mummy-Papa Akanksha Yadav-Krishna Kumar Yadav are the best.


शुक्रवार, नवंबर 14, 2014

बाल दिवस तो हमारे लिए यादगार है


आज बाल दिवस है।  चाचा नेहरू का जन्म दिन। आज का दिन तो हमारे लिए और भी यादगार है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 2011 में हमें 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान हमें बाल-दिवस पर वर्ष 2011 में 'आर्ट' और 'ब्लॉगिंग' के लिए तत्कालीन महिला व बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ जी ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में दिया था।  संयोगवश आज बाल दिवस है, अत: यादें पुन: ताजा हो गईं !! 


अपनी प्यारी सिस्टर अक्षिता के साथ मस्ती।


!! बाल दिवस पर आप सभी को बधाइयाँ !!


रविवार, अक्तूबर 26, 2014

हैप्पी बर्थ-डे टू अपूर्वा

हैप्पी बर्थ-डे टू अपूर्वा। 


हमारी प्यारी सिस्टर अपूर्वा 27 अक्टूबर को पूरे चार साल की हो जाएँगी। 


अपूर्वा सिर्फ हमारी सिस्टर ही नहीं बेस्ट फ्रेंड भी हैं।  एक -साथ तो हम दोनों खूब धमाल और मस्ती करते हैं। 





 अपूर्वा के  हैप्पी बर्थ-डे पर आप सबका आशीष, स्नेह और प्यार तो मिलना ही चाहिये !!

तुम जियो हजारों साल 
साल के दिन हों पचास हजार 



शनिवार, अक्तूबर 25, 2014

अंतरिक्ष में भेजे चिप्स और बर्गर

आपने कभी सोचा है कि अगर अंतरिक्ष में चिप्स और बर्गर भेजे जाएं तो क्या कहने। पिछले दिनों हमने यह न्यूज पढ़ी तो लगा की आप सभी के साथ शेयर करना चाहिए। 

दरअसल लंदन की एक कंपनी ने हीलियम गुब्बारे की मदद से अंतरिक्ष में चिप्स और बर्गर भेजने में सफलता हासिल की है। इस गुब्बारे का आकार दो बेडरूम वाले घर जितना है। इस खाद्य सामग्री को 1,12,000 फुट आकाश में भेजने पर कंपनी का लगभग दो हजार पाउंड का खर्चा आया। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि दरअसल यह स्टंट था जिसका मकसद महज प्रचार है। इससे पहले भी एक बार कंपनी ने ऐसा प्रयास किया था पर तब कैमरे ने दो फुट की ऊंचाई से ही काम करना बंद कर दिया था। दरअसल इस बर्गर कंपनी के दोनों मालिकों को विज्ञान से लगाव है। 

तो है न मजेदार जानकारी !!


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शुक्रवार, अक्तूबर 24, 2014

एनिमेटेड रंग जमाए है


आजकल एनिमेशन का जमाना है।  जब चाहो, जैसे चाहो, जिसे चाहो .... इसमें ढाल दो और फिर इंजॉय करो।  वैसे हम बच्चों के लिए यह सीखने का अच्छा माध्यम भी है। इसके लिए हम बच्चों की दीवानगी है तो फिर मम्मी-पापा की डांट भी।  आखिर अति हर चीज की बुरी होती है।  आप भी देखिये कि 'पाखी की दुनिया' के लिए भेजी अपनी इस प्यारी कविता में  उमेश चौहान अंकल जी क्या कहते हैं -

कम्प्यूटर के गेम निराले
आई-पैड, पी सी पी वाले,
शुरू करो तो रुका न जाए
मम्मी कितनी डांट पिलाएं,
भूल-भाल कर खाना-पीना
इनके संग छुट्टी भर जीना,
क्या भारत, यू के, यू एस ए,
दुनिया को भरमाए है।
एनिमेटेड रंग जमाए है॥

टेलीविजन-कथाएं बदलीं
फिल्मों की गाथाएं बदलीं,
नए-नए पात्रों के चर्चे
‘छोटा भीम’ सराहें बच्चे,
‘आइस एज’ के किस्से अच्छे
लगते हैं बच्चों को सच्चे,
कृष्ण, गनेशा, हनोमान का
जादू मन को भाए है।
एनिमेटेड रंग जमाए है॥

इनसे कुछ खोया भी हमने
दादी के किस्से अब सपने,
मित्रों के भी जमघट छूटे
नाते-रिश्ते  सिकुड़े,  टूटे,
खेल-कूद का समय नहीं है
जो आभासी, वही सही है,
मन न लगे पढ़ने-लिखने में
लैप-टॉप  ललचाए  है।
एनिमेटेड रंग जमाए है॥

-उमेश कुमार सिंह चौहान (यू. के. एस. चौहान)
सम्पर्क: सी-II/ 195, सत्य मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली–110021 (मो. नं. +91-8826262223).


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बुधवार, अक्तूबर 22, 2014

पावन पर्व दीपावली का


पावन पर्व दीवाली का,
दीपों की बारात लाए।
बम, पटाखे, फुलझड़ी संग,
खुशियों की सौगात लाए।

तोरण द्वार पर सजे अल्पना,
ज्योति का पुंज-हार लाए।

खील-लड्डू का चढ़े प्रसाद,
दिलों में सबके प्यार लाए।

है शुभ मंगलकारी पर्व यह,
इस दिन अयोध्या राम आए।
जल उठी दीपों की बाती,
पुलकित मन पैगाम लाए।

अमावस्या का तिमिर चीरकर,
रोशनी का उपहार लाए।
चारों तरफ सजे रंगोली,
लक्ष्मी-गणेश भी द्वार आए।

( दीपावली के शुभ पर्व पर मम्मी की लिखी एक कविता)

!! आप सभी को दीपावली पर्व पर सपरिवार शुभकामनाएँ !!

शनिवार, अक्तूबर 18, 2014

ऐसे मनाएं दीपावली : गरीबी और अशिक्षा का अँधियारा मिटायें

(दीपावली का त्यौहार नजदीक है।  हम सभी इसे खूब इंजॉय करते हैं। पर कुछ बातों का ध्यान भी रखना होगा, ताकि इस ख़ुशी में और लोग भी शामिल हो सकें।  इस पर दैनिक जागरण, इलाहाबाद संस्करण, 18 अक्टूबर 2014 में प्रकाशित हमारे विचार आप भी पढ़ सकते हैं।) 


दीपावली रोशनी का त्यौहार है, न कि पटाखों का। इस मौके पर हम खूब दीये जलाएंगे और परिवार के साथ इसे इंजॉय करेंगे। पटाखों से तो बिलकुल दूर रहूँगी। 

पटाखों से निकली चिंगारी से तो कई बार लोगों की आँखों की रोशनी भी चली जाती है। इससे प्रदूषण भी बहुत फैलता है। 

ऐसे में मैंने संकल्प लिया है कि इस दीपावली पर पटाखों से दूर रहूँगी। जो पैसे हम पटाखों पर खर्च करते हैं, उनसे किसी गरीब या जरूरतमंद की सहायता कर उनके जीवन में रोशनी फैलाएंगे। 

- अक्षिता (पाखी)
(राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता) 
इलाहाबाद.

मंगलवार, अक्तूबर 14, 2014

सत्यार्थी अंकल और मलाला दी को बधाई


सम्मान मिलना भला किसे नहीं अच्छा लगता और जब बात दुनिया के सबसे बड़े सम्मान नोबेल की हो तो और भी अच्छा लगता है। यह जानकर अच्छा लगा कि इस बार नोबेल का शांति पुरस्कार भारत से कैलाश सत्यार्थी अंकल और पाकिस्तान से  मलाला युसुफजाई दी को मिला है। रोज टीवी चैनलों पर यह देखने को मिलता है कि किस प्रकार बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच झड़प होती रहती है।  ऐसे में यह समाचार सुनना सुखद लगा। और सबसे अच्छी बात तो यह है कि सत्यार्थी अंकल 'बचपन बचाओ आंदोलन' से जुड़े हुए हैं और मलाला दी बालिकाओं की शिक्षा हेतु कार्य कर रही हैं। यह दोनों बातें तो हमारे लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। हम बच्चों की तरफ से आप दोनों को ढेर सारी बधाइयाँ। 





बुधवार, अक्तूबर 08, 2014

इलाहाबाद में नवरात्र और दशहरा

इलाहाबाद का दशहरा तो बहुत प्रसिद्ध है।  यहाँ का नवरात्र और राम लीला भी उतनी ही प्रसिद्ध है। इस बार नवरात्र और दशहरे में हम खूब घूमे और इलाहाबाद के दशहरे के मेले और नवरात्र  में माँ दुर्गा जी की पूजा का आनंद लिया। वाकई खूबसूरत और भव्य।  आप भी देखिये। 



सुन्दर पूजा पंडाल 


और माँ दुर्गा जी की भव्य मूर्ति। 


 सपरिवार पंडाल में। 





हीं एफिल टॉवर तो कहीं डिज़्नी लैंड की तर्ज पर सजे पंडाल और मनोरम झाँकियाँ .





और हाँ, भला गुब्बारों के बिना भी कोई मेला। 


तो है न आकर्षक और भव्य नवरात्र और दशहरा। 

गुरुवार, अक्तूबर 02, 2014

21वीं सदी बेटियों की है


बेटियाँ हमारी शान हैं और इनके उपर हमें गर्व है। यह कहना है इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव और उनकी पत्नी आकांक्षा यादव का। दोनों ही जन साहित्य और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में चर्चित नाम हैं और उनकी इस परम्परा को बेटियाँ भी बढ़ा रही हैं। इनकी अक्षिता और अपूर्वा नामक दो बेटियाँ हैं, एक साढ़े सात साल की तो दूसरी चार साल की। जीएचएस  में क्लास 2 की स्टूडेंट अक्षिता जहाँ नन्ही ब्लॉगर के रूप में पॉपुलर है, वहीं इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड्स पाने के रिकार्ड भी हैं। अपने ब्लॉग 'पाखी की दुनिया' लिए उसे वर्ष 2011 में दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल ब्लॉगर्स कांफ्रेंस में 'बेस्ट नन्ही ब्लॉगर' ख़िताब से सम्मानित किया गया, वहीं मात्र मात्र साढ़े चार साल की उम्र में 'नेशनल चाइल्ड अवार्ड' (2011) पाकर वह इण्डिया की सबसे कम उम्र की विजेता भी बनी। अब यादव दंपती की दूसरी बेटी अपूर्वा भी अपनी सिस्टर के साथ क्रिएटिविटी सीख रही हैं।यादव दम्पति को जहाँ अपनी बेटियों पर नाज है। इनका मानना है कि बेटियां किसी से कमतर नहीं, बशर्ते आप उनकी भावनाओं और इच्छाओं को समझते हुए उन्हें प्रोत्साहित करें। 21वीं सदी बेटियों की है और वे नया मुकाम रचने को तैयार हैं। 

(साभार : 'आई-नेक्स्ट' अख़बार की पहल 'नवरात्रि में लीजिये संकल्प : बेटियों को बचाओ' अभियान के तहत 2 अक्टूबर (इलाहाबाद संस्करण) को हमारे परिवार का जिक्र।)

रविवार, सितंबर 28, 2014

नन्ही ब्लाॅगर की बड़ी कामयाबी


ककहरा सीखने की उम्र में नन्ही अक्षिता (पाखी) ने अपनी सृजनात्मक क्षमता के बल पर मात्र सात साल में बड़े रिकार्ड कायम किए हैं। ‘पाखी की दुनिया’ ब्लाग का संचालन 24 जून 2009 से कर रही अक्षिता (पाखी) को सबसे कम उम्र की ब्लागर के तौर पर भारत सरकार की ओर से 2012 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ मिल चुका है। उसे मात्र चार वर्ष आठ माह की अवस्था में आर्ट और ब्लागिंग के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसको 66 हजार से अधिक लोगों ने पढ़ा।

भारत सरकार की ओर से ब्लागिंंग के क्षेत्र में सम्मानित होने वाली अक्षिता पहली बाल प्रतिभा है। इससे पहले भी अक्षिता को 2011 में अंतरराष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में ‘श्रेष्ठ नन्ही ब्लागर’ के सम्मान से नवाजा जा चुका है। सितंबर 2013 में काठमांडू (नेपाल) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में अक्षिता ने एकमात्र ब्लागर के तौर पर भाग लेकर सम्मान पाया।

ड्राइंग और कविता पहली पसंद

25 मार्च 2007 को कानपुर में जन्मी अक्षिता वर्तमान में गर्ल्स हाई स्कूल इलाहाबाद में दूसरी कक्षा की छात्रा हैं। पिता कृष्ण कुमार यादव इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं पद पर तैनात होने के साथ चर्चित ब्लागर हैं। माता आकांक्षा यादव भी साहित्य लेखन के साथ ब्लागर हैं। अक्षिता ने बताया कि उसे ड्राइंग बनाना, कविता कहना और लिखना पसंद है।

(नन्ही ब्लॉगर की बड़ी कामयाबी : नवरात्र आरम्भ हो गए हैं। इसी क्रम में अमर उजाला (इलाहाबाद, 25 सितंबर 2014) में अक्षिता (पाखी) के बारे में प्रकाशित रिपोर्ताज़। अक्षिता से आप उसके पेज Akshita (Pakhi) : पाखी की दुनिया पर भी जुड़ सकते हैं। अक्षिता को आप सबका आशीर्वाद और स्नेह यूँ ही मिलता रहे।) 


रविवार, सितंबर 21, 2014

काश वो बचपन फिर लौट आए


काश वो बचपन फिर लौट आए। वो प्यारे-प्यारे गीत जिनसे बचपन की पहचान जुडी हुई है। जिन्हे हम दिल से गाते-गुनगुनाते थे और खेल खेलते थे। तो वो यादें फिर से ताज़ा कर लीजिये और एक बार फिर से गुनगुनाते हैं।

मछली जल की रानी है,
जीवन उसका पानी है।
हाथ लगाओ डर जायेगी
बाहर निकालो मर जायेगी।
************
पोशम्पा भाई पोशम्पा,
सौ रुपये की घडी चुराई।
अब तो जेल मे जाना पडेगा,
जेल की रोटी खानी पडेगी,
जेल का पानी पीना पडेगा।
जेल में ही रहना पड़ेगा।
*********************
आलू-कचालू बेटा कहाँ गये थे,
बन्दर की झोपडी मे सो रहे थे।
बन्दर ने लात मारी रो रहे थे,
मम्मी ने पैसे दिये हंस रहे थे।
**************
मामा मामा भूख लगी है,
खालो बेटा मूँगफली है।
मूँगफली में दाने नहीं,
हम तम्हारे मामा नहीं।
******************
आज सोमवार है,
चूहे को बुखार है।
चूहा गया डाक्टर के पास,
डाक्टर ने लगायी सुई,
चूहा बोला उईईईईई।
************
झूठ बोलना पाप है,
नदी किनारे सांप है।
काली माई आयेगी,
तुमको उठा ले जायेगी।
************
चन्दा मामा दूर के,
पूए पकाये भूर के।
आप खाएं थाली मे,
मुन्ने को दे प्याली में।
************
लाला जी ने केला खाया,
उसका छिलका वहीँ गिराया।
पैर के नीचे छिलका आया,
लाला जी गिरे धडाम।
मुँह  से निकला हाय राम।
********************
तितली उड़ी,
बस मे चढी।
सीट ना मिली,
तो रोने लगी।
ड्राईवर बोला, आजा मेरे पास,
तितली बोली ” हट बदमाश “।
******************
मोटू सेठ,
पलंग पर लेट ,
गाडी आई,
फट गया पेट
**********
....सब हम ही लिख देंगे, कुछ आप भी तो...

(पापा की फेसबुक-वाल से साभार। अच्छा लगा पढ़ना सो आप सभी के साथ शेयर कर रही हूँ)

सोमवार, सितंबर 08, 2014

यदि डाक टिकट पर अपनी फोटो छपे तो …


सुनकर अच्छा लगता है कि डाक टिकट पर अपनी भी फोटो छपे। यदि आप  भी ऐसी इच्छा रखते हैं, तो अब यह पूरी हो सकती है। डाक टिकट पर अभी तक आपने गांँधी, नेहरू या ऐसे ही किसी महान विभूति की फोटो देखी होगी। पर अब डाक टिकट पर आप की फोटो भी हो सकती है और ऐसा संभव है डाक विभाग की ’’माई स्टैम्प’’ सेवा के तहत। 


वाराणसी प्रधान डाकघर में 6 सितम्बर, 2014 को माई स्टैम्प सेवा का उद्घाटन करते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि फिलहाल उत्तर प्रदेश में यह सेवा लखनऊ, आगरा व फतेहपुर सीकरी में उपलब्ध है और अब वाराणसी में। उन्होंने कहा कि माई स्टैम्प की थीम फिलहाल आकर्षक पर्यटन स्थलों पर आधारित रखी गई है। माई स्टैम्प फिलहाल 10 थीम के साथ उपलब्ध है, जिनमें-ग्रीटिंग्स, ताजमहल, लालकिला, कुतुब मीनार, हवा महल, मैसूर पैलेस, फेयरी क्वीन, पोर्ट ब्लेयर द्वीप, अजन्ता की गुफाएँं एवं सेंट फ्रांसिस चर्च शामिल हैं। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि माई स्टैम्प सेवा का लाभ उठाने के लिए एक फार्म भरकर उसके साथ अपनी फोटो और रूपय 300/-जमा करने होते हैं। एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है। इसके लिए आप अपनी अच्छी तस्वीर डाक विभाग को दे सकते हैं, जो उसे स्कैन करके आपकी खूबसूरत डाक-टिकट बना देगा। श्री यादव ने कहा कि यदि कोई तत्काल भी फोटो खिंचवाना चाहे तो उसके लिए भी प्रबंध किया गया है। पाँंच रुपए के डाक-टिकट, जिस पर आपकी तस्वीर होगी, वह देशभर में कहीं भी भेजी जा सकती है। इस पर सिर्फ जीवित व्यक्तियों की ही तस्वीर लगाई जा सकती है। 

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने इसके व्यावहारिक पहलुओं की ओर इंगित करते हुए कहा कि किसी को उपहार देने का इससे नायब तरीका शायद ही हो। इसके लिए जेब भी ज्यादा नहीं ढीली करनी पड़ेगी, मात्र 300 रूपये में 12 डाक-टिकटों के साथ आपकी खूबसूरत तस्वीर। अब आप इसे चाहें अपने परिवारजनों को दें, मित्रों को या फिर अपने किसी करीबी को। यही नहीं अपनी राशि के अनुरूप भी डाक-टिकट पसंद कर उस पर अपनी फोटो लगवा सकते हैं। आप किसी से बेशुमार प्यार करते हैं, तो इस प्यार को बेशुमार दिखाने का भी मौका है। 
         
माई स्टैम्प स्कीम के आरंभ के बारे में बताते हुए निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि दुनिया के कुछेक देशों में माई स्टैम्प  सुविधा पहले से ही लागू है, पर भारत में इसका प्रचलन नया है। वर्ष 2011 में नई दिल्ली में विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी (12-18 फरवरी 2011) के आयोजन के दौरान इसे औपचारिक रूप से लांच किया गया। उसके बाद इसे अन्य प्रमुख शहरों में भी जारी किया गया और लोगों ने इसे हाथों-हाथ लिया। नतीजन देखते ही देखते हजारों लोगों ने डाक टिकटों के साथ अपनी तस्वीर लगाकर इसका लुत्फ उठाया। इसकी लोकप्रियता के मद्देनजर इसे अब वाराणसी में भी आरंभ किया जा रहा है।  



( पापा श्री कृष्ण कुमार जी के हवाले से विभिन्न अख़बारों में प्रकाशित यह रोचक खबर आप सभी की जानकारी के लिए शेयर कर रही हूँ।आशा है आपको पसंद आएगी) 

शुक्रवार, सितंबर 05, 2014

'शिक्षक दिवस' पर बधाइयाँ

आज शिक्षक दिवस (Teachers day) है।  हम बच्चों ने इसे अपने स्कूल में खूब इंजॉय किया. आज तो हमारी जल्द ही छुट्टी भी हो गई. वैसे, हमारी टीचर जी बहुत प्यारी हैं. वह हमें कई नई-नई बातें बताती हैं और ढेर सारे खेल भी खिलाती हैं।

आपको पता है 'टीचर्स-डे' के रूप में हम अपने देश के राष्ट्रपति रहे डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म दिवस सेलिब्रेट करते हैं. डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी एक बहुत अच्छे शिक्षक भी थे. टीचर जी ने हमें उनके जीवन से जुडी और भी कई बातें बताईं. ममा-पापा ने भी बताया कि अपने टीचर जी का हमेशा सम्मान करना चाहिए.

टीचर्स डे पर हम लोगों ने टीचर जी को प्यारे-प्यारे फूल और कार्ड्स  देकर इस दिवस की बधाई दी...आप सभी लोगों को भी इस दिन पर ढेर सारी बधाइयाँ, आखिर आप सबसे भी तो हम कुछ-न-कुछ सीखते रहते हैं !!

और हाँ, आज तो प्राइम मिनिस्टर मोदी अंकल भी हम बच्चों को सम्बोधित करने वाले हैं।  चलिए उन्हें भी टीवी पर सुनते हैं !!

गुरुवार, सितंबर 04, 2014

शिक्षक दिवस पर बाल कविता


कल शिक्षक दिवस है।  चलिए, इस अवसर पर पढ़ते हैं पापा की लिखी एक बाल कविता -

टीचर जी कितनी अच्छी,
सब बच्चों  की प्यारी हो।
नई-नई  बात बताती,
लगती कितनी न्यारी हो।

हम बच्चें करें  पढ़ाई,
चौबीस घंटे तन-मन-धन से।
जब बच्चे मिल करें शरारत,
समझाती हो बड़े जतन से।

पिकनिक पर सबको ले जाती,
ज्ञान का भंडार बढ़ाती।
खेल-खेल में हम सबकोे,
जीवन का सार बताती।






रविवार, अगस्त 24, 2014

मम्मी क्या होने वाला है?

आजकल हमारे प्राइम मिनिस्टर अंकल मोदी जी गंगा जी को स्वच्छ करने के लिए पहल किये हुए हैं।  इलाहाबाद और बनारस में तो हम अक्सर देखते हैं कि गंगा जी में ढेर सारी गन्दगी फैली हुई है।  सोचिये कि यदि गंगा जी और अन्य नदियों में हम ऐसे ही गन्दगी फैलाते रहेंगे तो फिर स्वच्छ और साफ़ पानी कहाँ से आएगा।  इस गंदे पानी से जो बीमारी फैलती है, वह तो कइयों की मौत का कारण भी बनती है।  जरूरत है कि हम सभी इस और अपनी तरफ से पहल करें और नदियों में गन्दगी न फैलाएँ। इसी सन्दर्भ में श्री उमेश चौहान अंकल जी ने एक सुंदर सी कविता भी 'पाखी की दुनिया' के लिए भेजी है।  आप सब इसे पढ़ें और सोचें -

मम्मी क्या होने वाला है?
गंगाजल कितना काला है?

तुम तो कहती उतर स्वर्ग से
शिव के केशों से गुजरी हैं,
ऊँचे हिम-नद का निर्मल जल
बाँहों में भरकर बहती हैं,
फिर हमने इसके पानी में
क्यों इतना कचरा डाला है? मम्मी क्या होने ……

छिड़क-छिड़ककर जिसके जल को
तुम देवों को नहलाती हो,
पूरे घर को पावन करती
अंत समय भी पिलवाती हो,
उसके जल की इस हालत पर
मेरा मन रोने वाला है। मम्मी क्या होने ……

गंगा ही क्यों सारी नदियों
को हमने गंदा कर डाला,
सूख गए गरमी के सोंते
भू-जल इतना खींच निकाला
कुँए, ताल सब सुखा दिए, अब
पीते जल बोतल वाला हैं। मम्मी क्या होने ……

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उमेश कुमार सिंह चौहान (यू. के. एस. चौहान)
सम्पर्क: सी-II/ 195, सत्य मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली–110021 (मो. नं. +91-8826262223).

जन्म: 9 अप्रैल, 1959 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ जनपद के ग्राम दादूपुर में।
शिक्षा: एम. एससी. (वनस्पति विज्ञान), एम. ए. (हिन्दी), पी. जी. डिप्लोमा (पत्रकारिता व जनसंचार)।

साहित्यिक गतिविधियाँ:

प्रकाशित पुस्तकें: ‘गाँठ में लूँ बाँध थोड़ी चाँदनी’ (प्रेम-गीतों का संग्रह) - सत्साहित्य प्रकाशन, दिल्ली (2001), ‘दाना चुगते मुरगे’ (कविता-संग्रह) - सत्साहित्य प्रकाशन, दिल्ली (2004), ‘अक्कित्तम की प्रतिनिधि कविताएं’  (मलयालम के महाकवि अक्कित्तम की अनूदित कविताओं का संग्रह) - भारतीय ज्ञानपीठ, नई दिल्ली (2009), ‘जिन्हें डर नहीं लगता’ (कविता-संग्रह) - शिल्पायन, दिल्ली (2009), एवं ‘जनतंत्र का अभिमन्यु’ (कविता – संग्रह) - भारतीय ज्ञानपीठ, नई दिल्ली (2012), मई 2013 से हिन्दी दैनिक समाचार-पत्र 'जनसंदेश टाइम्स' (लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी एवं गोरखपुर से प्रकाशित) में साप्ताहिक स्तम्भ-लेखन

संपादित पुस्तकें: 'जनमंच' (श्री सी.वी. आनन्दबोस के मलयालम उपन्यास 'नाट्टुकूट्टम' का हिन्दी अनुवाद) - शिल्पायन, दिल्ली (2013)

सम्मान: भाषा समन्वय वेदी, कालीकट द्वारा ‘अभय देव स्मारक भाषा समन्वय पुरस्कार’ (2009) तथा इफ्को द्वारा ‘राजभाषा सम्मान’ (2011)

सोमवार, अगस्त 18, 2014

एक साथ कित्ती खुशियाँ

कृष्ण जन्माष्टमी का दिन तो हमें बहुत अच्छा लगता है। एक तरफ भगवान कृष्ण जी का जन्मोत्सव, वहीँ जन्माष्टमी हमारे परिवार के लिए इसलिए भी और महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि जन्माष्टमी के दिन ही पापा और नानी जी का भी जन्म हुआ था।
  

...है न ट्रिपल ख़ुशी वाली बात। तो चलिए आप भी हमारी इस ख़ुशी में शरीक होइए !!

(चित्र में : बेटियों अक्षिता और अपूर्वा के साथ केक काटते पापा श्री कृष्ण कुमार यादव।  साथ में दादा जी। )