आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

शुक्रवार, अप्रैल 04, 2014

स्कूल है रोज जाना

हॉलिडेज़ ख़त्म, 3 अप्रैल से स्कूल शुरू। अब पूरे अप्रैल भर चलेंगी क्लासेज़। नई किताबें, नया जोश। क्योंकि अब हम पहुँच गए हैं क्लॉस 2 में।  लीजिए, इसी बात पर पापा का एक बाल-गीत भी, जिसे उनके बाल-गीत संग्रह 'जंगल में क्रिकेट' से लिया है !!



स्कूल है रोज जाना
स्कूल जाएंगे हम रोजाना,
नहीं करेंगे कोई बहाना।
भूख अगर लग जाए वहाँ, 
टिफिन खोल खाएंगे खाना।


टीचर की सब मानें बात,
मन से करें पढ़ाई।
हम सब बच्चे मिलजुल रहते,
करें न कभी लड़ाई।


पढ़-लिख कर हम बढ़ेंगे आगे,
सपने सच करेंगे।
शिक्षा सब कुछ देगी हमको,
इसका मान करेंगे। 

मंगलवार, मार्च 25, 2014

अक्षिता (पाखी) का हैप्पी बर्थ-डे


25 मार्च, इस दिन का हमें बेसब्री से इंतजार रहता है।  


 आखिर, इस दिन हमारा हैप्पी बर्थ-डे जो है।  


वैसे हमारा बर्थडे जिस दिन पड़ता है, स्कूल की हालीडेज़ होती हैं। अत: हम अपना बर्थडे कभी स्कूल  में सेलिब्रेट  नहीं कर पाए।  पर इससे जुडी एक शानदार बात यह है कि अपने हैप्पी बर्थडे सेलिब्रेशन के अगले वीक ही हम अगली क्लास में प्रमोट हो जाते हैं।  इस बार तो हम क्लास 2 में चले जाएंगे। सो डबल सेलिब्रेशन का मौका बनता है।  

हमारे हैप्पी बर्थ-डे पर आप सभी के आशीर्वाद और प्यार का इंतज़ार  रहेगा !!







बुधवार, मार्च 19, 2014

फूलों की खूबसूरती

अरे वाह, कितना सुहाना मौसम है।  ठण्ड जा चुकी है और जो धूप अच्छी लगती थी, अब परेशान करती है।  खूब मस्ती करने और घूमने-फिरने के दिन। इस मौसम में चारों तरफ खिले फूल तो हमें बहुत प्यारे लगते हैं।  अपने लॉन में इन फूलों की सुंदरता को देखना, उन पर तितलियों और भौरों का मंडराना। .... मन तो करता है कि तितलियों को दौड़कर पकड़ लूँ। कई बार इनके पीछे भागती भी हूँ, पर ये तो हमसे भी तेज उड़ती हैं।  कभी इधर, कभी उधर   पर यदि हम इन्हें पकड़ लेंगे  तो फिर इनके पीछे दौड़ेंगे कैसे ! आप भी इन फूलों की खूबसूरती देखिये, आखिर क्लिक तो हमने किया है !!







Akshita (Pakhi) : पाखी की दुनिया को आप फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं :



रविवार, मार्च 16, 2014

होली जमकर खेलें


होली पर्व पर आप सभी को बधाइयाँ। 







होली जमकर खेलें, पर इको-फ्रेंडली होली से भी नाता जोड़ें। 


ये गुझिया आप सबके लिए। 


Akshita (Pakhi) : पाखी की दुनिया को आप फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं :




शनिवार, मार्च 15, 2014

छुट्टियों के दिन आये


हॉलिडेज़ किसे नहीं अच्छे लगते हैं। साल भर की पढाई, फिर एक्जाम्स और फिर लम्बी हॉलिडेज़। अब  हमारे भी एक्जाम्स 8 मार्च को ख़त्म  हो चुके हैं।  महीने के अंत  में रिजल्ट आउट होगा  और फिर नया क्लास।  इस बार हम क्लास 2 में चले जाएंगे।नई-नई  किताबें, नई  क्लास टीचर। .... कितना कुछ बदला-बदला और  नया सा लगता है। पर फ़िलहाल तो हॉलिडेज को इंजॉय करने के दिन हैं। सो गेट कूल !!   

Akshita (Pakhi) : पाखी की दुनिया को आप फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं :

रविवार, मार्च 02, 2014

शुरू हो गए एक्ज़ाम्स

इस समय हमारे एक्जाम्स चल रहे हैं। कल 3 मार्च को शुरू होकर ये 8 मार्च को ख़त्म हो जायेंगे। एक्जाम्स के लिए हमें मार्निंग में 7  बजे ही स्कूल पहुँच जाना होगा।  पर यह सोचकर बहुत ख़ुशी होती है कि एक्जाम्स के बाद  अब हम क्लास 2 में  जायेंगे।  


वाह, नई-नई  किताबें, नई  क्लास टीचर। .... कितना कुछ बदला-बदला और  नया सा लगता है।

शुक्रवार, जनवरी 31, 2014

पाखी लिटिल ब्लॉगर


पाखी लिटिल ब्लॉगर 

बच्चों, जब तक तुमने सिर्फ अपने से बड़े लोगों को ही ब्लागिंग करते हुए देखा होगा। लेकिन 6 साल की नन्हीं पाखी को भी ब्लागिंग का शौक है। अपने इसी शौक के दम पर ब्लागिंग अवार्ड जीतकर वह बन गई है, देश की सबसे नन्ही ब्लागर। पाखी के नाम से मशहूर अक्षिता यादव कैसे बनी ब्लॉगर और क्या हैं उसके शौक, तुम भी जानो।

अंडमान निकोबार के म्यूजियम का नजारा हो, पर्यावरण दिवस पर पेड़ बचाने का संदेश या फिर पुरानी किताबों न बेचने की राय। यह सब मिलेगा नन्ही पाखी यानी अक्षिता यादव के ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया’ (http://pakhi-akshita.blogspot.in/) में। बच्चों, इलाहाबाद में पहली कक्षा में पढ़ने वाली अक्षिता वैसे तो तुम्हारी तरह ही है। लेकिन ब्लॉग  की दुनिया में उसकी एक्टिविटी उसकी अलग पहचान बनाती है।

ऐसे हुई ब्लागिंग की शुरुआत

पाखी की ब्लागिंग की शुरूआत कुछ अलग ही अंदाज में हुई थी। दरअसल, बचपन से ही वह ढेरों पेंटिंग्स बनाती थी। लेकिन उसके मम्मी-पापा उसे सहेजते नहीं थे। ऐसे में जब पाखी ने अपने मम्मा-पापा को ब्लॉग पर कविताएं लिखते देखा तो पूछ लिया कि ’जब आप अपनी कविताएं इस तरह संभाल रहे है, तो मेरी पेटिंग्स क्यों फेंक देते हैं?’ बस फिर क्या था उसके पापा ने बना दिया ब्लॉग ’पाखी की दुनिया’ और डाल दी उस पर उसकी सारी पेंटिग्स। धीरे-धीरे पाखी की कलाकारी को ब्लागिंग के सहारे पहचान मिलने लगी।

365 पोस्ट-268 फालोअर

24 जून, 2009 को पाखी का ब्लॉग शुरू हुआ। तब से अब तक नन्ही पाखी के ब्लॉग  पर 365 पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं। इतना ही नहीं उसके ब्लॉग  पर 268 फालोअर हैं। फेसबुक पर यही आंकड़ा बढ़कर 830 है। यानी, बच्चे ही नहीं पाखी की दुनिया में सैर करने वालों में बड़े भी बहुत सारे हैं । दुनियाभर के 100 से भी ज्यादा देशों में पाखी का ब्लॉग पढ़ा जाता है।
पैरेंट्स मैनेज करते हैं ब्लॉग 

पाखी अभी तुम्हारी तरह ही छोटी है, इसलिए उसके ब्लॉग  को उसके मम्मी-पापा ही चलाते हैं। लेकिन पाखी ने अब कई सारे काम करने सीख लिए हैं। जैसे अब अपनी पेंटिग को ब्लॉग  पर अपलोड करना सीख गई है। बाकी कई सारे काम भी वो खुद करने लगी है। इस तरह सीखते-सीखते निश्चित तौर पर वो आगे चलकरब्लॉग  पूरी तरह से खुद ही संभालने लग जाएगी।

मिला ब्लागर अवार्ड

सिर्फ 4 साल 8 महीने की उम्र में ही पाखी को आर्ट और ब्लागिंग के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। यह पुरस्कार पाने वाली वो सबसे छोटी उम्र की बच्ची है। इतना ही नहीं, ऐसा पहली बार हुआ जब सरकार की ओर से ब्लागिंग के लिए किसी को सम्मानित किया गया। सरकार की ओर से 1996 से शिक्षा, संस्कृति, कला, खेलकूद और संगीत आदि के क्षेत्र में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिए जाते हैं। साल 2011  की अंतराष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में पाखी को ‘श्रेष्ठ नन्ही ब्लागर‘ का अवार्ड दिया गया था। नई दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में यह पुरस्कार उसे उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने दिया था। 

('हरिभूमि' अख़बार की पत्रिका 'बाल भूमि' (16 जनवरी, 2014) में नन्ही प्रतिभा के अन्तर्गत लिटिल ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) पर प्रकाशित चयनिका मनीषा  क़ी एक रिपोर्ट ) 

Akshita (Pakhi) : पाखी की दुनिया को आप फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं :


बुधवार, जनवरी 15, 2014

डियर पार्क, सारनाथ में एक दिन

दिनों दिनों 12 जनवरी को हम बनारस में थे। यहाँ पर आकर सारनाथ घूमना हमें खूब अच्छा लगता है।  थोड़ी-थोड़ी ठण्ड और उस पर से गुनगुनी धूप .... पिकनिक का अच्छा  बहाना भी, साथ में अपूर्वा। सारनाथ में एक डियर पार्क 'मिनी ज़ू' भी है, यहाँ तो हम खूब मस्ती करते हैं। उसी समय की कुछेक फोटो, जो मम्मी-पापा ने क्लिक कीं। 


















मंगलवार, दिसंबर 31, 2013

नव वर्ष -2014 का स्वागत …



ढलता जायेगा सूरज 


बढ़ती जायेगी समय की सुई 


रात के आगोश में 
सो जायेगा पुराना साल 


चमचमाती लाइटों के बीच 
होगा नए साल का धमाल 


कड़कड़ाती ठण्ड के बीच 
रजाइयों में दुबके हम 


अहा!
स्वागत करो सूरज की  किरणों का 
आ गया है एक और नया साल .... !! 



नव वर्ष -2014 पर आप सभी को ढेर सारी बधाईयाँ। 
आप सब अपना आशीर्वाद और स्नेह देना न भूलियेगा।

HAPPY NEW YEAR -2014







रविवार, दिसंबर 29, 2013

गुलाबों की रंगत

गुलाब के फूल  भला किसे नहीं भाते। ठण्ड के मौसम में तो गुलाब के फूलों की  रंगत देखते ही बनती है।  हमारे लॉन में तो इन दिनों ढेर सारे गुलाब के फूल  खिले हुए हैं। इनकी खुशबू तो हमेँ बहुत अच्छी लगती है।  कुछेक गुलाब के फोटोग्राफ हमने भी लिए। आप भी देखकर बताइये, कैसी रही हमारी फोटोग्राफी और ये गुलाब !!


(गुलाब के फूलों के समक्ष अपूर्वा)



मंगलवार, दिसंबर 17, 2013

मैंने भी इक मोर बनाया.....

आपको मोर अच्छा लगता है. मुझे तो  बहुत अच्छा लगता है. यहाँ इलाहाबाद में कंपनी बाग़ में खूब सारे मोर दिखते हैं..... भिन्न-भिन्न रूपों में इन्हें देखना मन को खूब भाता है. कभी ये एक ही जगह पर खड़े नजर आते हैं तो कभी भागते हुए तो कभी किसी पेड़ के ऊपर. मैंने भी एक मोर की ड्राइंग बनाई है. आशा है आपको पसंद आएगा …… !!











मंगलवार, दिसंबर 10, 2013

11-12-13 को जब बजेंगे 14 :15 :16


वाह, कितना खास दिन है 11-12-13. 
यह तब और भी रोचक हो जायेगा, 
जब इस दिन समय होगा 14 :15 :16. 
सोचती हूँ कि इस दिन को कैसे यादगार बनाऊँ !!

गुरुवार, नवंबर 28, 2013

ग्रेट डे : हैप्पी वेडिंग एनिवर्सरी टू ममा-पापा


मेरे ममा-पापा सबसे प्यारे.
लगते देखो कितने न्यारे.


ममा-पापा की शादी (28 नवम्बर, 2004) की नौंवीं सालगिरह पर मेरी और अपूर्वा की तरफ से ढेर सारा प्यार और बधाई ! 


कहीं आप बधाई देना भूल न जाइएगा.मैं तो चली अपनी पार्टी का इंतजाम करने...!!