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मंगलवार, मार्च 08, 2016

राजस्थान पत्रिका में चर्चा : सबसे कम उम्र की ब्लॉगर अक्षिता


किसी ने सोचा नहीं होगा कि ब्लाॅगिंग या चिट्ठाकारी भी शोहरत और दौलत दिला सकती है, लेकिन अब ऐसा हकीकत में हो रहा है। केवल एक ब्लाॅग आपको ब्लाॅगिंग किंग या क्वीन बना सकता है। ब्लाॅगिंग में जहाँ पुरूष सक्रिय हैं, वही महिलाएं भी अब इसमें नाम व धन कमा रही हैं। महिलाएं कुकिंग, लाइफस्टाइल, इंटीरियर, फैशन, बाॅलीवुड, इंस्पिरेशनल आदि कई तरह के ब्लाॅग्स के जरिए प्रसिद्धि पा रही हैं और उन्होंने इसे कैरियर बना लिया है, जो उन्हें शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा रहा है। आइए मिलते हैं कुछ ऐसी ही महिला ब्लाॅगर्स से.......

सबसे कम उम्र की ब्लाॅगर : अक्षिता यादव

25 मार्च 2007 को कानपुर में जन्मी पाखी यानी अक्षिता यादव भारत की सबसे कम उम्र की ब्लाॅगर के रूप में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता का सम्मान पा चुकी हैं । अक्षिता की ब्लाॅगर मां ने 24 जून 2009 को पाखी की दुनिया (http://www.pakhi-akshita.blogspot.in)  नाम से अक्षिता का ब्लाॅग बनाया। इस ब्लाॅग पर तमाम प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई और 100 से ज्यादा देशों में इसे देखा-पढ़ा जाता है। अक्षिता और उसका ब्लाॅग पाखी की दुनिया फेसबुक (https://www.facebook.com/AkshitaaSingh) पर भी उपलब्ध है। 

ब्लाॅगिंग को दे रहीं नए मुकाम : आकांक्षा यादव

एक साहित्यकार और ब्लाॅगर है आकांक्षा । वह मूलतः उत्तर प्रदेश  की हैं  लेकिन राजस्थान से भी उनका नाता है। उन्हें हिन्दी में ब्लाॅग लिखने वाली शुरूआती महिलाओं में गिना जाता है। इनके ब्लाॅग को अब तक लाखों लागों ने पढ़ा है और करीब सौ से ज्यादा देशों में इन्हें देखा-पढ़ा जाता है। उनके ब्लाॅग  'शब्द-शिखर' (http://shabdshikhar.blogspot.com) को वर्ष 2015 में हिन्दी का सबसे लोकप्रिय ब्लाॅग चुना गया।

प्रस्तुति : मधुलिका सिंह 

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(सबसे कम उम्र की ब्लॉगर : अक्षिता (पाखी) की चर्चा 'अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस' पर राजस्थान पत्रिका में 'मिलिए ब्लॉगिंग क्वीन्स से' के तहत....साथ में अक्षिता की मम्मी की भी चर्चा- "ब्लॉगिंग को दे रहीं नए मुकाम : आकांक्षा यादव".. ....आभार !!)
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