आप सब 'पाखी' को बहुत प्यार करते हैं...

शुक्रवार, मार्च 24, 2017

हैप्पी बर्थ-डे पर बच्चों की मस्ती

हैप्पी बर्थ-डे कितना प्यारा शब्द लगता है।  हर कोई अपने इस स्पेशल दिन का इंतज़ार करता है।  बड़े जितने मन से करते हैं, हम बच्चे उतने ही दोगुने मन से।  आखिर घर में बर्थ-डे किसी का हो, पर सबसे ज्यादा मस्ती तो हम बच्चों की ही होती है। 

25 मार्च, इस दिन का हमें बेसब्री से इंतजार रहता है।  
आखिर, इस दिन हमारा हैप्पी बर्थ-डे जो है। 



 वैसे हमारा बर्थडे जिस दिन पड़ता है, स्कूल की हालीडेज़ होती हैं। अत: हम अपना बर्थडे कभी स्कूल  में सेलिब्रेट  नहीं कर पाए।  पर इससे जुडी एक शानदार बात यह है कि अपने हैप्पी बर्थडे सेलिब्रेशन के अगले वीक ही हम अगली क्लास में प्रमोट हो जाते हैं।  इस बार तो मैं क्लास 5 में चली गई हूँ । सो डबल सेलिब्रेशन का मौका बनता है।  

हर बार नई-नई जगह हैप्पी बर्थ-डे का सेलिब्रेशन। है न मजेदार बात। इस बार 25 मार्च को हम अपना जन्मदिन जोधपुर-राजस्थान में मनाएंगे। कानपुर, पोर्टब्लेयर, वाराणसी, इलाहाबाद के बाद इस बार का जन्मदिन जोधपुर में। 


 हमारे हैप्पी बर्थ-डे पर आप सभी के आशीर्वाद और प्यार का इंतज़ार  रहेगा !!

गुरुवार, मार्च 23, 2017

एक नई शुरूआत : अक्षिता अब क्लास 5 में

अक्षिता और अपूर्वा के लिए आज से एक नई शुरूआत : अक्षिता अब क्लास 5 में और अपूर्वा क्लास 1 में।
New beginning : Akshitaa (Pakhi) promoted to class 5th now and Apurva in class Ist.

मंगलवार, मार्च 21, 2017

राजस्थान पत्रिका की पहल "बिटिया @ वर्क" : अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा भी पहुँचीं पापा के ऑफिस

राजस्थान पत्रिका की पहल "बिटिया @ वर्क"  के तहत 20 मार्च  बेटियों के लिए एक अलग ही एहसास लेकर आया। पत्रिका के बिटिया @ वर्क अभियान के तहत बड़ी संख्या में बेटियां अपने परिजनों के साथ उनके कार्यालय पहुंचीं, उन्होंने न सिर्फ अपने पापा या मम्मी के कार्यालय के काम-काज को समझा बल्कि उनकी कुर्सी पर बैठकर जिम्मेदारी भी संभाली। आज स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहीं बेटियों में से ही मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, किरण बेदी, कल्पना चावला, सानिया मिर्जा या इदिरा नूई जैसी हस्ती बनकर समाज में नई रोशनी बिखेरेंगी। इसी सद्भावना को ध्यान में रखकर पत्रिका समूह ने अपने संस्थापक श्रद्धेय कर्पूरचन्द्र कुलिश की जयंती पर 20 मार्च को अनूठा अभियान बिटिया @ वर्क आयोजित किया। इसके तहत देश-प्रदेश के कई शहरों में विभिन्न विभागों /संस्थानों/कम्पनियों के अधिकारी/कर्मचारी बेटियों को लेकर दफ्तर पहुंचे। 
इसी क्रम इसी में अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा भी अपने पापा श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के ऑफिस में पहुँचीं और उनके ऑफिस की कार्य-प्रणाली को नजदीक से देखा।
 पापा की कुर्सी पर बैठ लाड़ली ने जाना कामकाज, पापा ने बताए तरीके

अपूर्वा ने बताया कि उनको पापा की कुर्सी पर बैठकर बहुत अच्छा लगा।

मुझे पापा से मेहनत से काम करने की प्रेरणा मिली !


(साभार : राजस्थान पत्रिका, जोधपुर, 21 मार्च 2017)


मंगलवार, मार्च 14, 2017

Akshitaa got Bronze medal in International Mathematics Olympiad


Akshitaa (Pakhi) participated in the 10th (Science Olympiad Foundation) SOF International Mathematics Olympiad, held during December, 2016 and got Bronze medal at her school level ie Happy Hours School, Jodhpur, Rajasthan.




अक्षिता (पाखी) ने इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड में भाग लिया और अपने स्कूल स्तर पर ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया। 

सोमवार, मार्च 13, 2017

होली की मस्ती...रंगों के संग

होली हमारे देश का एक प्रमुख त्यौहार है। रंगों की पिचकारी और अबीर-गुलाल के संग हम इसे खूब इंजॉय करते हैं। ढेर सारी मिठाईयां विशेषकर गुझिया और नमकीन से बने आइटम इस दिन को और खास बना देते हैं। दिन भर रंगों की मस्ती भरी होली और शाम को अपने बड़ों को अबीर-गुलाल लगाकर आशीर्वाद लेना और हमजोलियों के साथ स्नेह भरा मिलन इसे और भी कलरफुल बना देते हैं। 

आज होली के दिन हम दोनों सिस्टर्स अक्षिता और अपूर्वा ने भी जमकर मस्ती की और कलरफुल होली को इंजॉय किया। मम्मी-पापा ने भी हम सभी के साथ खूब होली खेली।






अक्षिता और अपूर्वा ने होली में की जमकर मस्ती।
Akshitaa (Pakhi) and Apurva enjoying colourful festival of Holi 

Wish you all a very happy, healthy, joyous, funfilled and Colourful Holi.
आप और आपके परिजनों को स्नेह और उल्लास के साथ पावन पर्व होली की बहुत-बहुत शुभकामनायें। यह त्यौहार आपके जीवन में खुशहाली के सभी रंग भर दे.....शुभ होली !!

मंगलवार, फ़रवरी 14, 2017

My Stamp with fragrance of roses by India Post

डाक टिकट पर अपनी फोटो देखना अच्छा लगता है और यदि वो डाक टिकट खुशबूदार हों तो सोने पर सुहागा। पिछले दिनों जब डाक विभाग ने गुलाब की ख़ुशबू वाले माई स्टैम्प जारी किये तो पापा ने हम सभी के लिए सुगन्धित डाक टिकटों वाली शीट बनवाई। आप भी देखिये-

(Little Blogger Akshitaa  (Pakhi), Youngest  National Child Awardee of India on  First My Stamp with Fragrance of  roses by India Post)


( Apurva on  Rose-scented My Stamp  by India Post)






The Department of Posts launched first My Stamp with fragrance (My Stamp sheets with the fragrance of rose). The fragrance of this would last a decade. Those who want to give their photos to be printed as stamp under My Stamp, can do so on the fragrance sheets that cost ₹ 500 per sheet and it will have 12 stamps, whereas the cost of a normal my stamp sheet is ₹ 300 only. It's also a beautiful gift for different occasions like-Birthday celebration, wedding, Marriage anniversary celebration etc.

सोमवार, जनवरी 23, 2017

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शत-शत नमन


नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 120वीं जयंती पर शत-शत नमन। 'तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा" का आह्वान करने वाले नेताजी की यह प्रतिमा पोर्टब्लेयर (अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह) में मरीना पार्क में लगी है। कुछ समय के लिये यह द्वीप नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आज़ाद हिन्द फौज के अधीन भी रहा था। नेताजी ने इन द्वीपों का शहीद और स्वराज द्वीप नामकरण किया था।

आज नेताजी की जयंती पर इस बाल कविता का आनंद लीजिये -


वह इस युग का वीर शिवा था,
आज़ादी का मतवाला था।
जन-मन पर शासन था उसका,
दृढ़ तन कोमल मन था उसका।
शासन की मुट्ठी से निकला,
और कभी फिर हाथ ना आया।
शासन के सब यत्न विफ़ल कर,
साफ़ गया वह वीर निकल कर।
वह अफ़गानिस्तान गया था,
जर्मनी औ' जापान गया था।
एकाकी था, सेना लाया,
और विजेता बनकर आया।
काँप उठी थी गोरा-शाही,
नाच उठी चहुँ ओर तबाही।
वह सचमुच का ही नेता था,
रक्त ले आज़ादी देता था।
प्रतिपल ख़तरों ही में रहना,
उसके साहस का क्या कहना।
आशा को थी आशा उस से,
और निराश निराशा उस से।
इम्फल तक वह आ पहुँचा था,
लक्ष्य को सम्मुख देख रहा था।
हा! लकिन दुर्भाग्य हमारा,
छिपा उदय होते ही तारा।
रण का पाँसा पलट गया था,
बिगड़ गया जो काम बना था।
अभी हमें संकट सहना था,
पर-अधीन अभी रहना था।
वाहन लेकर वायुयान का,
और छोड़ कर मोह प्राण का।
चला गया वह समर-भूमि से,
निज भारत की अमर भूमि से।
कौन कहे फिर कहाँ गया वह,
हुआ वहीं का जहाँ गया वह।

@ डॉ. राणा प्रताप सिंह गन्नौरी 'राणा'